मकान मालकिन की छत पर चुदाई

Hindi Antarvasna Sex मेरी मकान मालकिन मधु आंटी 41 साल की मोटी और सेक्सी औरत है, उनकी खूबसूरती का दीवाना कोई भी हो सकता है। मधु आंटी का फिगर 43-36-46 है, 78 किलो की औरत जिसकी आंखें किसी हिरणी की तरह सुन्दर है। आंटी जब भी पास से गुजरती है उनकी खुशबू सूंघ कर मेरे तन बदन में वासना की आग जाग उठती है। आंटी हमेशा साड़ी पहनी रहती है, आंटी की बड़ी बड़ी चूचिया ब्लाउज के ऊपर से फूले हुई दिखाई देते है। आंटी जब चलती है उसकी मोटी गांड आपस में हिलते हुई रगड़ती है। मधु आंटी को चोदने का सुख किसी नसीब वाले को मिल सकता था।

मेरा नाम मनु है मेरी उम्र 20 साल है, मैं BCA की पढाई कर रहा हूँ, जान पहचान की वजह से मुझे एक अच्छा मकान किराये से मिल गया। एक कमरा है जिसमे लेट बाथ दोनों है, खाना मकान मालकिन के यहाँ खाना होता है जिसका मैं किराये के साथ पैसा देता हूँ। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  मकान मालकिन मधु आंटी के पति दुबई में नौकरी करते है, आंटी के 2 बेटे है। 22 साल का बेटा अपने पापा के साथ दुबई में नौकरी कर रहे है और छोटा बेटा 6 साल का है अपनी मम्मी के साथ रहता है।

मैं डेली आंटी के साथ ही खाना खाता था इसलिए हमारी अच्छी बनती है, कभी कभी हम लोग साथ बैठ कर टीवी देखते और थोड़ा हसी मजाक करते थे। कुछ महीने निकल गए मार्च का महीना था गर्मी बढ़ चुकी थी एक टेबल फैन से गर्मी शांत नहीं होती थी, मेरा कमरा छत पर है मैं दरवाजा खोल कर सोता था जिससे थोड़ा आराम मिलता था। मैं रात को आंटी के साथ खाना खा रहा था गर्मी से बुरा हाल था। मैं आंटी से बोला आंटी जी आप कूलर खरीद लीजिये इतनी गर्मी में नींद नहीं आती होगी। आंटी बोली नहीं बेटा कूलर की जरुरत नहीं पड़ेगी मैं गर्मी के दिनों में छत पर सोती हूँ। 2 दिन बाद आंटी मुझे उनका खाट ऊपर छत पर रखने को बोली, मैं उनका खाट ले आया। रात को मैं चड्डी पहने अपने कमरे में दरवाजा खुला करके सोया था तभी आंटी अपने छोटे बेटे के साथ ऊपर आयी और खाट पर गद्दा लगा कर सो गयी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

आंटी के लिए मेरे अंदर हवस पहले से थी और आज उनको अपने सामने सोती देख कर मुझ से कंट्रोल नहीं हो रहा था मैं सोने की कोसिस करता लेकिन रात को ठीक से नींद नहीं आती थी। 3 बजे मेरी नींद सुररररररर की आवाज से खुल गयी। मैं उठ कर बैठ गया मेरी नजर बाहर पड़ी आंटी छत की दीवार के पास पानी निकलने की जगह बैठ कर पेशाब कर रही थी आंटी की गांड खुली हुई थी जिसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। आंटी की गांड गोरी बड़ी बड़ी मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मैं एक कुंवारा लड़का था जिसने आज तक किसी औरत की नंगी नहीं देखा था।

आंटी वापस आकर सो गयी मैं थोड़ी देर बाद उठा और कमरे से बहार निकल गया आंटी सो रही थी। मेरे अंदर हवस की आग भड़क रही थी। मैं आंटी ने जहा पेशाब किया था उस जगह गया और झुक कर उनकी पेशाब को सूंघने लगा। पेशाब की बदबू आ रही थी लेकिन मेरे लिए वो बदबू किसी खुसबू की तरह थी मैं छत के फर्श पर पड़ी आंटी की पेशाब अपने हाथ से उठा कर लंड पर मलते हुए खड़ा हुआ और सोई हुई आंटी को देख कर वही मुठ मार लिया। आज मुठ मारने का कुछ अलग ही आनंद था।

3 दिन निकल गए मैं डेली आंटी को रात में 2- 3 बार पेशाब करते देख लेता था अब मैं मुठ मारना बंद कर दिया और आंटी को पटा कर चोदने की सोचने लगा, मुझे पता था आंटी के पति साल में 1 बार ही घर आते है, आंटी 41 साल की है लेकिन सेक्स की भूख उनको भी लगती होगी। दुसरी दिन निकल गया रात को खाना खाने के बाद मैं आंटी के साथ टीवी देखने लगा थोड़ी देर बाद साथ सोने छत पर आये। मैं अपने कमरे में सो गया आंटी सामने छत पर खुले आसमान के नीचे सोई हुई थी। एक घंटे बाद आंटी उठी और पेशाब करने बैठ गयी आज आंटी की पेशाब करते हुए पाद निकल गयी फ़ुस्स्सस्स्स्स। आंटी पेशाब कर रही थी मैं दबे पाओ आंटी के पीछे जा कर खड़ा हो गया। आंटी खड़ी हुई मुझे देख कर बोली अरे तू यहाँ क्यों खड़ा है ? मैं चड्डी में था मेरा लंड खड़ा हो गया था आंटी मेरा लंड घूरते हुए थोड़ा मुस्कुराई, मैं समझ गया आंटी के अंदर भी चुदाई की प्यास छुपी हुई है।

मैं आंटी से बोला आंटी जी मेरे कमरे में छिपकली है मुझे डर लग रहा। आंटी बोली चल दिखा कहा है ? इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम  आंटी मेरे साथ कमरे में आयी, मैं लाइट बंद कर दिया था। आंटी बोली लाइट चालू कर, आंटी जैसे लाइट का स्विच चालू करनी आगे बढ़ी मैं उनको पीछे से पकड़ लिया मेरा खड़ा लंड उनकी गांड में कपडे के ऊपर से घुसने लगा। आंटी बोली क्या कर रहा? मैं आंटी के गले को चूमते हुए बोला – आंटी मैं तुमसे प्यार करता हूँ। तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। आंटी बोली रुक लाइट चालू करने दे रुक छोड़ ना रे । आंटी लाइट चालू कर के मुझे घूरने लगी और हँसते हुए मेरे गाल पर प्यार से एक थप्पड़ मारी।

मैं आंटी को पकड़ लिया और उनके लिप्स चूसने लगा आंटी मेरा साथ देने लगी 2 मिनट बाद मैं आंटी की साडी खोलने लगा, आंटी की कमर पसीने से भीग चुकी थी मैं उसकी साडी उतार दिया। आंटी के चूचिया ब्लाउज के अंदर से बाहर आने के लिए उछल रहे थे,, मैं ब्लाउज का हुक खोल कर उतार दिया आंटी अंदर ब्रा नहीं पहनी थी। मधु आंटी के बड़े बड़े बूब्स लटक रहे थे उसके निप्पल काले अंगूर के दाने जैसे है। मैं आंटी को अपने बिस्तर पर सुला कर उनके ऊपर चढ़ गया। आंटी के बूब्स को को दोनों हाथों में भर कर दबा रहा था बहोत प्यारा अहसास था इतने मुलायम बूब्स मैं दोनों बूब्स के बीच अपना मुँह डाल कर रगड़ने लगा। आंटी अपना एक निप्पल पकड़ के मेरे मुँह में डालते हुए बोली – मेरे राजा मेरा दूध चूस कर देख। मैं आंटी के दूध पिने लगा, पसीने से भीगे निप्पल का स्वाद नमकीन था।

मुझ से रहा नहीं गया मैं आंटी के पेटीकोट का नाडा खोल कर उतार दिया, आंटी पेन्टी नहीं पहनती उनकी नंगी चूत मेरे सामने थी। आंटी की चूत चिकनी और फूली हुई थी, चुत पूरी तरह से गीली हो गयी थी और पानी छोड़ रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मैं आंटी की चूत को दोनों हाथों से फैला दिया अंदर गुलाबी रंग की मुलायम चूत पानी से भरी हुई थी। मैं चूत को हलके से सूंघा अजीब सी भीनी भीनी मादक सुगंध थी। मैं चूत को ऊपर से चाटने लगा चूत का पानी चिपचिप और अजीब स्वाद था हवस ने मेरा दिमाग ख़राब कर दिया था। मैं आंटी की चूत के अंदर जीभ डाल चूत का पानी चूस कर पीने लगा आंटी अह्ह्ह्ह उम्म्म्म उम्म्म्म अह्ह्ह्हह मेरी चूत काट के खा जाओ मेरे राजा अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह कहने लगी। आंटी बोली मनु अब कन्ट्रोल नहीं हो रहा मेरी चूत में लंड डाल कर चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत।

मैं अपनी चड्डी उतार दिया मेरा 5.6 इंच का मोटा लंड देख कर आंटी बोली। अह्ह्ह माँ कितना मोटा है अह्हह्ह्ह्ह आज तो मजा आ जायेगा। पूरा अंदर दाल दे मेरे राजा।
मैं आंटी की चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा मुलायम चूत के स्पर्श से मेरा लंड झटके लेने लगा। आंटी की गीली चूत पर लंड रगड़ कर मैं अपने लंड को पूरा गीला किया और आंटी के चूत की छेद मिला कर अंदर धकेल दिया। मेरा मोटा लंड आंटी की चुत में धीरे धीरे अंदर चला गया आंटी बोली – अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्हह उम्मम्मम पूरे 8 महीने बाद चूत के अंदर कुछ गया उम्मम्मम्म चोद मेरे राजा जोर से चोद अपनी आंटी को।

मैं आंटी को जोर से धक्के दे कर फचा फच चोदने लगा। आंटी मुझे पकड़ कर अपने ऊपर खींच ली और मेरे ओंठ चूसने लगी धीरे धीरे निचे से उछाल रही थी जिससे उसकी चूत और मचल रही थी। आंटी के दोनों बूब्स मसलते मसलते मैं उनकी चुत के अंदर झड़ गया और सुस्त हो कर उनके ऊपर लेता रहा। 5 मिनट बाद आंटी मुझे चूमते हुए बोली उठ मेरे राजा, मैं उठा आंटी की चूत से मेरा वीर्य और उनकी चूत का पानी निकल कर मेरे चादर को गीला कर चूका था।

मेरे अंदर फिर से चुदाई की खुलजी सुरु हो गयी, मैं आंटी के गद्दे दार गांड चोदना चाहता था। आंटी को उल्टा लेटा। मधु आंटी की गांड को चाट कर चमका दिया आंटी बोली गांड मार मेरी गांड की खुजली मिटा दे मनु मेरे राजा। मैं आंटी की गांड को ऊँगली डाल कर चिकना किया और उनके ऊपर पीछे से चढ़ कर गांड फैला दिया और छेद में लंड का गुलाबी सुपाड़ा रख कर अंदर डालने लगा गांड चूत से ज्यादा टाइट थी। पीछे से धक्के लगा कर गांड चोदने लगा आंटी मेरे नीचे दबी हुई थी उह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्म्मउम्म्म्म अह्ह्ह्ह कर रही थी बीच बीच में उठ कर मैं आंटी की गांड में जोर जोर से थप्पड़ मारता और फिर से लंड अंदर डाल कर चोदता था।

आंटी झड़ गयी और मैं अपना लंड उनकी गांड से निकाल कर मुँह में डाल दिया आंटी मेरा लंड चूसने लगी मैं उनके मुँह के अंदर झड़ गया। मधु आंटी मेरा पूरा वीर्य पी गयी। आंटी मुझे पकड़ कर अपने ऊपर खींच कर सुला ली और बोली मनु मेरे राजा अब तू मेरा है मेरी प्यास बुझाते रहना,, मैं आज से तेरी गुलाम हूँ। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

उस दिन से हर रात आंटी की चुदाई करता हूँ। गर्मी का मौसम चला गया, बारिश सुरु हुई अब मैं आंटी के कमरे में जाकर उनकी चुदाई करता हूँ। मेरी मकान मालकिन मेरी आधी बीवी बन चुकी है। मधु आंटी का बेटा छोटा है उसको कुछ समज नहीं आता, उसकी नींद सीधे सुबह खुलती है और रात भर मैं उसकी माँ को चोदता हूँ। मैं दुनिया का सबसे खुसनसीब इंसान हूँ जिसको इतनी मस्त औरत चुदाई के लिए फ्री मिल गयी है। अगर आप भी मधु के दीवाने हो गए है तो उसके नाम की मुठ मारकर खुद को शांत करे।

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