माँ की चूत के बाल और दादाजी का बूढा लंड

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मेरा नाम ज्योति है मैं एक मिडिल क्लास फॅमिली से हू मेरी उम्र 19 साल है मेरी माँ हेमा की उम्र 48 साल है दादा जी 65 साल के है। जब मैं 18 साल की थी तब मैं कुछ ऐसा देखी जो मेरे लिए सोचना भी नामुमकिन था। गरमी का दिन था हमारे घर कूलर नहीं है पंखा से काम चलाना पड़ता है पापा घर की छत पर सोते है। माँ मैं और दादाजी घर के अंदर सोते है, मैं अपने कमरे में सोई थी और माँ हॉल में सोई थी दादा जी अपने कमरे में सोये थे।

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रात को करीब 2 बजे मुझे प्यास लगी मैं उठ कर पानी लेने किचन जा रही थी माँ हाल में साया ब्लाउज पहन कर सोई थी माँ का साया घुटनो तक ऊपर सरक गया था. मेरी माँ पेन्टी नहीं पहनती उसकी चूत के बाल दिखाई दे रहे थे। माँ की चुत के बाल बड़े बड़े थे पूरी चूत बालों से ढकी हुई थी. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैं पानी ले कर अपने कमरे में आ गयी तभी मुझे दादा जी के खांसने की आवाज सुनाई दी मैं सोची कही दादा जी माँ को ऐसे न देख ले और माँ को ठीक से सोने के लिए बोलने हाल की तरफ भागी दादा जी अपने कमरे से निकल कर आ रहे थे मैं टेबल की पीछे छिप गयी दादा जी अपना लंड धोती से ऊपर से खुजाते हुए हाल में आये और माँ के पैरो को घूरने लगे माँ के साया के अंदर चूत देकने लगे लेकिन उनको भी मेरी तरह सिर्फ चूत के बाल ही दिखे होंगे।

मैं छुप कर देख रही थी दादा जी अपनी धोती से लंड बाहर निकाल कर माँ की चूत देखते और अपना लंड हिलाने लगे उनका लंड काला मोटा और 5 – 6 इंच का होगा। मेरी जवानी की सुरुवात थी, ये सब होते देख कर मेरी चूत से पानी आने लगा और मैं पेन्टी के ऊपर से अपनी चूत रगड़ने लगी। थोड़ी देर बाद दादा जी बाथरूम की तरफ चले गए और 5 मिनट बाद अपने कमरे में जा कर सो गए। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम .
मेरी चूत गीली हो गयी थी मैं अपनी चूत पानी से साफ़ करने के लिए बाथरूम गयी, बाथरूम में कुछ सफ़ेद गाढ़ा सा नीचे गिरा हुआ था मैं समझ गयी दादा जी ने अपने लंड का पानी निकला होगा। मैं चूत साफ़ कर के अपने कमरे में आ गयी मुझे दादा जी का बूढ़ा लंड याद आने लगा मैं लेटी हुई सोच रही थी चुदाई में कैसा लगता है। तभी मुझे कुछ आवाज आई और मैं हॉल की तरफ गयी, दादा जी माँ के ऊपर चढ़े हुए थे और माँ उनको हटने से लिए बोल रही थी दादाजी माँ के बूब्स दबाने लगे माँ शांत हो गयी और आराम से लेटी रही ऐसा लगा जैसे माँ मजे ले रही है।

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दादा जी माँ के ब्लाउज खोल कर माँ के दोनों दूध पिने लगे माँ दादाजी के धोती को खींच कर फेक दी, दादा जी माँ का साया नाडा खोल कर उतार दिए और माँ की बालों वाली चूत को खाने लगे माँ झटके ले कर गांड हिला हिला कर चूत दादा जी के मुँह में रगड़ने लगी। दादा जी कुछ समय बाद उठे और अपनी कच्छी उतर कर फेक दिए और माँ के बगल में लेट कर माँ से लिपट गए। माँ और दादाजी एक दूसरे को चाटने लगे, माँ उठ कर दादाजी का मोटा लंड चूसने लगी दादा जी माँ को लेटा कर उनके ऊपर चढ़ गए और माँ को चोदने लगे माँ और दादा जी पूरी ताकत लगा कर चुदाई कर रहे थे माँ की खटिया रच रच की आवाज करने लगी और ये सब देख कर मेरी चूत पूरी तरह गीली हो गयी थी।
मैं पेन्टी के अंदर ऊँगली डाल कर चूत के दाने को रगड़ने लगी, थोड़ी देर बाद दादाजी जी झटके ले कर रुक गए और माँ के ऊपर 2 – 3 मिनट तक सोये रहे माँ उनको उठा कर खड़ी हुई माँ की चूत से पानी जैसा निकला और चादर पर गिर गया। दादा जी माँ की गांड पर मारते हुए बोले बहु कल चादर धो लेना। माँ उठ कर बाथरूम की तरफ जाने लगी दादा जी माँ को पकड़ कर झुका दिए और माँ की बड़ी बड़ी गांड के बीच अपना मुँह डाल कर सूंघने लगे और बोले बहु तेरी गांड की खुसबू मस्त है।

माँ दादा जी को धक्का देकर नंगी बाथरूम की ओर चली गयी दादा जी चादर में अपना लंड पोंछ कर अपने कपडे उठा कर सोने चले गए। अब मेरी समझ में आ गया था, माँ की चूत ने दादा जी को वासना का शिकार बना लिया था जिसकी वजह से दादा जी एक बार मूठ मार कर भी खुद को रोक नहीं सके और माँ को चोद डाले, और मेरी माँ अपने बूढ़े ससुर के लंड से मजे लेकर चुदवा के खुस हुई। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मेरी चूत की आग एक साल से भड़क रही है कोई मेरी प्यार बुझा दो।

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