मम्मी चुद गयी सिनेमा हाल में, एक साथ कई लंड लिए

Antarvasna Sex मैं राज आप सब के सामने एक नयी स्टोरी अपनी मम्मी की लेकर आरहा हूँ. कामनी मेरी मम्मी की उम्र 38 है मैं 16 साल का हूँ. मम्मी की फिगर 38 34 36 है. मस्त चूची और गांड. कोई भी देख ले तो लण्ड खड़ा हो जाये. माँ के स्वाभाव में भी अब बदलाव आ रहा था. हमेशा साड़ी पहनने वाली मेरी मम्मी अब जीन्स और स्कर्ट पहनने लगी थी घर में. कुछ दिन पहले ही मम्मी ने जालीदार ब्रा पेंटी ख़रीदा था. मैं रोज माँ को नहाते देखता और उनकी ब्रा पेंटी पे मुठ मरता. पापा का देहांत हुए 3 साल हो गए थे.

एक संडे मैं और मम्मी मामा के घर गए. लौटते हुए शाम के 5 बज गए थे. रस्ते में एक सिनेमा हॉल था उसमें फिल्म लगी थी डाकू हसीना. ये फिल्म सी ग्रेड फिल्म थी. सिनेमा हाल के पास ही बस स्टैंड था. मैं और मम्मी बस का इंतज़ार कर रहे थे. अचानक मैंने कहा कि मम्मी चलो न फिल्म देखते है डाकू वाली फिल्म लगी है एक्शन मूवी है देखते है. पोस्टर में डाकू और एक लड़की जो हीरोइन थी उसका बिकनी में तस्वीर थी. माँ ने कहा राज रहने दो ये अच्छी फिल्म नहीं है कोई और फिल्म देखते है. पर मैं फिल्म देखने की ज़िद करने लगा. आखिर कर माँ को मेरी ज़िद के आगे झुकना पड़ा. पर माँ ने कहा देखो टिकट के लिए इतनी भीड़ है टिकट नहीं मिलेगी रहने दी बाद में फिल्म देखते है.

मम्मी पिली कलर की साड़ी पहनी हुई थी लौ कट ब्लाउज पहनी थी. माँ अंदर काली ब्रा पहनी थी जो की ट्रांसपेरेंट साड़ी की वजह से दिख रही थी. फिल्म सी ग्रैड की थी इसलिए देखने वाले भी सी ग्रैड के ही थे. फिल्म देखने वालों में 2 /4 ही महिला थी जो की देखने में ही रंडी लग रही थी. हाल में भीड़ ज्यादा थी दो लोग जो की गंदे से दिख रहे थे लगातार मम्मी को घूर रहे थे और अपना लण्ड पेंट के ऊपर से सहला रहे थे. मम्मी टिकट की लाइन में लगी. वो दोनों आदमी मम्मी के आगे पीछे लग गए. पीछे वाले ने माँ के कान में कहा मैडम हम लोग आपकी टिकट ले लेते है. माँ ने मना कर दिया. भीड़ बढ़ गयी पीछे वाला बंदा माँ से चिपक गया. उसका खड़ा लण्ड माँ की गाण्ड की दरार में घुस रहा था. शायद मम्मी को भी मजा आ रहा था. पीछे वाला बंदा धीरे धीरे माँ की गाण्ड सहला रहा था और सामने वाला चुचे दबा रहा था.

काउंटर के सामने जबर्दस्त भीड़ थी. पीछे वाले ने भीड़ का फायदा उठा के माँ की साड़ी में हाथ डाल के गाण्ड दबा दिया. माँ उन दोनों के बीच फस गयी थी. लेकिन माँ रंडी की तरह उसके लण्ड का मजा अपनी गांड में ले रही थी. काउंटर पे आगे वाले ने टिकट लेने के लिए पैसे दिए तो माँ के पीछे वाले आदमी ने कहा कि भाभी और उसके लौंडे की टिकट भी ले ले आज की फिल्म बहुत खास है. माँ कुछ बोलती उससे पहले ही पीछे वाले आदमी ने माँ की गांड जोर से दबा दी. माँ कुछ बोल न सकी. तब तक आगे वाले ने बॉक्स की चार टिकट ले ली और माँ से कहा भाभी जी टिकट तो हो गया अब चले मज़ा आएगा.

माँ कुछ कहती उससे पहले ही मैंने कहा थैंक्स अंकल मुझे तो डर लग रहा था कि टिकट मिलेगा की नहीं.
उन दोनो ने हस्ते हुए कहा बेटा हम है ना तुम्हारी और तुम्हारी मम्मी का ख्याल रखने के लिए. हालांकि माँ थोड़ी परेशान भी हो रही थी की टिकट लाइन में जो शुरू हुआ था वो अब सिनेमा हॉल में भी होगा. तभी एक आदमी ने कहा जो लाइन में माँ के पीछे खड़ा था भाभी आप परेशान मत हो बहुत मस्त फिल्म है और हमलोग है ना आपको फिल्म बहुत मजेदार लगेगी. इस बीच दोनों माँ की कभी चुतर सहलाते तो कभी चुचे पे हाथ फेरते. माँ बुरी तरह से फस चुकी थी. बॉक्स में सिर्फ आठ लोग थे हम चार और दो जोड़ी और दोनों महिला पूरी तरह से रंडी लग रही थी. हॉल की लाइट बंद होते ही दोनों जोड़े शुरू हो गए. मम्मी के दोनों तरफ दोनों अंकल बैठे थे और मैं सब से साइड में था. मम्मी को मैं चोद चूका था लेकिन एक साथ दो लण्ड से माँ को चुदता देखने को तड़प रहा था.

लाइट बंद होते ही दोनों अंकल शुरू हो गये. एक माँ के होंठ पे होंठ रख के चूसने लगा तो दूसरा माँ के चुचे को ब्लाउज से निकल के निप्पल चूसने लगा. माँ पागल भी हुए जा रही थी तो उसे शर्म भी आ रही थी की उसका बेटा बगल में है.

अब माँ पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी.

माँ ने दोनों हाथों में उन दोनों का लण्ड लेलिया और सहलाने लगी. तभी निप्पल चुस रहे अंकल ने एक ऊँगली माँ की चूत में डाल दिया माँ सिसकारी भरने लगी. माँ ने धीरे से कहा क्या कर रहे हो तब उस दाढ़ी वाले अंकल ने कहा साली रंडी चुपचाप मजे ले तुझे देख के ही समझ गया था कि तू बहुत बड़ी चुदक्कड़ है.

तभी उसने माँ के बाल पकड़ कर उसके मुह को अपने लण्ड के पास लगाया और कहा कि रंडी चुसो मेरे लण्ड को. तबतक दूसरे ने अपना लण्ड माँ की चूत में डाल के चोदन लगा.

एक तरफ माँ लण्ड चूस रही थी तो दूसरी तरफ माँ की चूत चुद रही थी. पहले वाला माँ की चूत में झाड़ गया दूसरे ने माँ के मुह से लण्ड निकाला और उसकी गाण्ड में डाल दिया. और चोदन लगा. फिल्म कैसी हे वो तो जिन लोगों ने उसे देखा हे वही जानते हे. ये फिल्म में डाकुरानी होती हे वो गाँव की लड़की होती हे जिसका बहुत बार बलात्कार हुआ होता हे. और उसका बदला लेने के लिए ही वो डाकू बनी होती हे. और डाकू बनने के बाद में उसकी गेंग के डाकू भी डाकुरानी को चोदते रहते हे. फिल्म में बूब्स आधे से ऊपर बहार दिखाए जा रहे थे. और ऐसी फिल्म में मेरी मम्मी चुद गई!

फिल्म के इंटरवल तक दोनों ने दो दो बार माँ को चोद लिया था. इंटरवल में माँ ने कपडे ठीक किये और फिल्म हॉल से मुझे ले के निकल गयी. इस तरह दो अंजान आदमी की रांड बन गयी मेरी मम्मी.

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