भाई की शादी में आंटी को पटा कर चूत में लंड डाल कर सो गया

antarvasna story दोस्तों में हूं सिद्धार्थ, मेरी उम्र २१ साल है और मैं गुडगांव से हूं, मेरी फैमिली जॉइंट है तो हमारे घर में चाची की फैमिली रहती है. चाची बहुत ज्यादा हॉट है और सुंदर है. उनका फिगर ३४-३०-३६ है, और उनके दो बच्चे भी है. चाची और मेरी काफी अच्छि   बनती थी हमेशा से. चाची को मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पता था, वह मुझे मजाक में पूछ भी लेती थी की कीतना किया? तब मैं वह बहुत नॉर्मल तरीके से लेता था, लेकिन एक दिन मेरे ताऊजी के बेटे की सगाई थी और मेरा एग्जाम चल रहा था मैं घर पर रहा, बाकी सब चले गए थे. घर से जब सब चले गए मैंने दरवाजा बंद किया और फटाफट चाची की रूम की तरफ भागा और उनकी पेंटी ढूंढने लगा, क्योंकि मुझे उनके लिए बहुत सेक्सुअल अट्रेक्शन था. मैंने उनकी पेंटी ढूंढी और उन्हीं के कमरे में अपना लंड खोल कर मुठ मारने लगा. और पेंटी को मुंह पर रख कर सूंघने लगा. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, चाची की चूत की महक से ही. और मैं पागल हो रहा था, आज तक कभी मुठ मारने में इतना मजा नहीं आया था 

फिर मैंने अपना मुठ चाची की पेंटी में ही मार दिया और उसे रख कर चला गया, फिर शादी का दिन आया और सब लोग भाई की शादी में चले गए और जब मैं दोबारा चाची के रूम की तरफ गया, चाची की पेंटी बेड पर ही रखी थी और उसके अंदर एक छोटी चिठी थी जिसमें लिखा था इस बार अंदर मत छोड़ना. मैं वह पढ़ कर हैरान था और मेरा लंड टाइट हो गया था. तब जल्दी से अपना लंड खड़ा किया लोवर से बाहर निकाला और मुठ मारने लगा. चाची की चूत की खुशबू लेकर, फिर में जब जडने वाला था, मैंने दोबारा चाची की पैंटी पर माल निकाला और बहार आ गया. उस दिन रात को १ बजे चाची वापस घर आ गई उनको कोई कजीन ड्राप करने आया था. और उन्होंने बोला कि उनकी पीठ में दर्द है और उनसे आज नहीं रुका गया उधर, बाकी सब लोग शादी के मैं मशगूल थे और सुबह से पहले नहीं आने वाले थे. मैंने  सोचा आज तो चोद के ही रहूंगा चाची की चूत को.

वह अपने कमरे में गई और मुझे आवाज लगाई.

उसने कहा सिद्धार्थ.

मैंने कहा हां चाची.

उसने कहा बेटा पीठ बहुत दुख रही है, प्लीज थोड़ा मसाज कर दो. चाची को मैंने बताया था मैं मसाज अच्छा करता हूं.

मैंने कहा ठीक है चाची.

फिर मैंने चाची को बेड पर लेटाया और बेड की एज पर खड़ा था. चाची को मैंने पीठ पर टच किया लेकिन मेरी नजर उनकी गांड पर थी. वह उल्टी लेटी हुई थी और उन्होंने साड़ी डाली हुई थी और गांड बहुत बहार आ रही थी, फिर मैंने हाथ से मसाज शुरू किया और वो तेजी सांसे लेने लगी और कुछ नहीं बोली.. धीरे धीरे हाथ नीचे लेता गया और उनके लोवर बेक पर मसाज करने लगा, उसके बाद में दोबारा हाथ उपर ले जाकर हल्का-हल्का साइड से बूब्स को टच करने लगा ब्लाउज के ऊपर से, फिर मैंने चाची को बिना बोलकर ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर मसाज करने लगा पीठ पर, उसके बाद चाची बोली क्या हुआ?

मैंने बोला ब्लाउज के साथ प्रॉब्लम हो रही है तो चाची ने ब्लाउज लूज कर दिया और बोला अब करो. और मैं करने लगा. और इस बीच मेरा लंड उनकी गांड में टच होने लगा. और फिर मैंने हाथ निचे ले जाकर उनकी गांड दबाने लगा. उन्होंने कुछ नहीं बोला. फिर मैं बराबर उनकी गांड दबाने लगा और लंड भी प्रेस करने लगा. चाची को एहसास हो गया कि मैं क्या चाहता हूं. वह मेरी ओर मुड़ी और बैठ गई और बोली क्या चाहिए? मैंने बोला आप..

फिर उन्होंने मुझे पास खिंचा और किस कर दी. फिर मैंने चाची को पकड़ा और हम १० मिनट तक किस करते रहे. उस के बाद चाची की चूची दबाने लगा और चाची की नेक और कान पर लिक करने लगा और चाची की सांसे बहुत तेज होने लगी और आवाज निकालने लगी..

फिर चाची के नेक से नीचे उनके बूब के पास गया और उनके बूब्स पर किस की ब्लाउज के ऊपर से. फीर उनका पल्लू हटा कर उनका ब्लाउज हटाया और उनके निप्पल को बाइट और प्रेस करने लगा. चाची बहुत मदहोश हो गई थी और उसने फटाफट मेरा लोअर नीचे किया और लंड हिलाने लगी धीरे धीरे और फिर मुझे अपने चूचो से हटाके मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. मुझे जन्नत सा महसूस हुआ और चाची ने चूसते चूसते पूरा माल पी लिया मेरा और उसके बाद मैंने उन्हें नंगा कर दीया वह सिर्फ पैंटी में थी.

फिर बाद में नवल पर किस करने लगा और चूसने लगा, और फिर उनके पास जाकर उसे किस करने लगा, फिर चूत को मसलने लगा. चाची पागल होने लगी.  उसके बाद मैंने पेंटी के ऊपर से चूत पर एक किस कर दी, फिर मेने बहुत प्यार से चूत में उंगली डाली और वह बिल्कुल गीली थी और उंगलियां अंदर फिसलने लगी. फिर मैंने धीरे से अपनी जीभ को चूत के पास ले गया और चूत को बहुत जोर से चाटने लगा और चाची मुझे अपने दोनों हाथों से अंदर दबाने लगी. चाची की चूत चाटने में बहुत मजा आने लगा और उनकी आवाज बहुत तेज हो गई. और अह औऊ यस ह्श्ह्स हसश यस ऊह औऊ इस उस यस अहह होह्ह हहह  और करो तुम तो बहुत प्यार से करते हो, ऐसे ही करते रहो. फिर मैंने चूत चाटते हुए अपनी उंगलियां भी घुसा दी और दोनों साथ साथ करने लगा, और चाची भी बिल्कुल होश खोने लगी है और जोर जोर से चिल्लाने लगी. उसके बाद उन्होंने फटाफट मुझे बोला कि अब सहन नहीं होता प्लीज अंदर आ जाओ मेरे, लेकिन मैं उन्हें और पागल करता रहा. उसके बाद जब मेरा लंड भी पागल होने लगा तब मैंने चाची के नीचे एक तकिया लगाया और उनकी चूत थोड़ी ऊपर हुई. तब अपना लंड उस पर मसलने लगा. चाची बोली तेरा तो तेरे चाचा से भी बड़ा है, काफी मजा आएगा लेने में.

मैं थोड़ा सा हँसा और चाची की चूत में कंडोम लगाए बिना घुसाने लगा, और चाची की आवाज बढ़ गई और वह मेरी पीठ में नाखून गड़ाने लगी, पर जैसे ही लंड अंदर गया वह अपनी चूत हिलाने लगी. उसके बाद मैंने धीरे धीरे अंदर बाहर शुरू किया और चाची की आवाज बढ़ने लगी.. सिद्धार्थ फक मी फक मी फास्टर और मैं तेज से चोदने लगा.

फिर मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में चोदा और लंड निकाल के उनकी चूत दुबारा चाटी और फिर लेटकर उनको ऊपर बैठाया और वो जम्प करने लगी जब वो थक जाती तब मैं धक्के लगाने लगता और उसके बाद मैंने उन्हें दोबारा सीधा किया और बहुत जम कर चोदा और उनके अंदर ही निकाल दिया, अब वह भी झड़ गई और उसके बाद में रात के ३:३० बजे उठा और किचन गया. और वहां पर उन के लिए खाने को सैंडविच और चाय बना कर लाया और वह खुश हो गई कि चुदाई के बाद कि मैं उससे प्यार करता हूं. फिर हमने खाया और चाय पी. उसके बाद मैंने बोला आपके साथ शावर लेना है. फिर हम शावर लेने गए और एक चुदाई का सेशन हमने उधर किया.

चाची और मैं नंगे नहा रहे थे, मैंने चाची को पीछे से पकड़ा हुआ था फिर चाची मुड के चलते शावर में नीचे बैठ गई और लंड चूसने लगी और ३ मिनट तक चूसा. और मुझे बहुत मजा आने लगा.

उसके बाद मैंने पीछे बैठकर चाची को दीवार से सटाया और उनकी चूत चाटने लगा और पानी हम पर गिर रहा था, चाची ने बोला ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया, उसके बाद उन्होंने मुझे खड़ा किया और मैंने उनको दिवार से सटा के ऊपर उठाया लंड पर बैठा के दोबारा चोदने लगा और जड़ गया. उसके बाद ४:५० बजे को सब का आने का टाइम हो गया था, हमने सब ठीक किया और फटाफट अपने अपने कमरे में गए.

उसके बाद से अब जब भी हमें थोड़ा सा भी मौका मिलता है टेरेस पर या कहीं भी बहुत चुदाई करते हैं. अगर मेरा कमरा खाली होता है तो में उनको फटाफट बुला के लंड उस के मुंह में दे देता हूं और चुसवाता हूं और वह भी कई बार ऐसे ही मुझे जल्दी में चूत मरवाती है साड़ी उठाकर और डॉगी स्टाइल में आकर.