चालू बहन की चुदक्कड़ चूत

मेरा नाम मनीष (बदला हुआ नाम) है, मैं अपनी लाईफ का एक किस्सा बताना चाहता हूँ.

बात तब की है जब मैं अजमेर से इंजिनियरिंग कर रहा था.. मेरे मामा, वहाँ रहते थे.. मैं उनके घर जाता रहता था.

उनकी तीन लड़कियां थी..

उनमे से बीच वाली बहन एक मेरी उम्र की थी, उसका नाम मोनिका (बदला हुआ नाम) और हम दोनों इंजिनियरिंग कर रहे थे, एक कोलेज से और एक ही ब्रांच से पर वो मुझ से एक साल जूनियर थी.

हम दोनों बहुत फ्रेंक थे, मेरी भी गर्ल फ़्रेंड थी और उसका भी बॉय फ्रेंड था..

उसके बारे मे क्या बताऊँ, उसकी बूब्स 36 और कमर 28 की थी, दिखने मे इतनी सुंदर की हर लड़का मूठ मार दे.

मैंने उसके बारे मे कभी ग़लत नहीं सोचा क्यूकी हम दोनों रीलेशन मे थे, जब मेरा कॉलेज का आख़िरी साल आया तो मेरा एक भाई और अजमेर स्कूल मे पढ़ने आया.

एक दिन उसने मुझसे से कहा की दीदी के मज़े लेना आसान है, वो अपने प्राइवेट पार्ट एधर – उधर टच करती है…

मुझे विश्वास नहीं था क्यूकी मुझे तो ऐसे नहीं लगता था.

तो उसने मुझसे कहा की आप एक बार् कुछ कर देखो…

मैंने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया क्यूकी मुझे उस पर पूरा विश्वास था.

एक दिन, जब मैं उनके घर गया तो घर पर कोई नहीं था..

मामा मामी, बाहर गये हुए थे.. बड़ी बहन की शादी हो गई थी और छोटी बहन स्कूल गई थी..

मोनिका की आदत थी की वो मुझ से आकर लड़ती थी.

उस दिन भी ऐसा ही हुआ.

उस दिन, वो एक पतला सा वाइट टॉप और ब्लेक अरबिक लोवर पहने हुए थी, वैसे वो बहुत गोरी है, तो मस्त लगती है.

उस दिन और भी गजब लग रही थी, क्यूकी पहली बार मैंने उसे ऐसे देखा, वो मोटी नहीं है पर हेल्थी है.. तो बहूत भारी थे उसके..

मैंने सोचा की एक बार मज़े ले कर देखते है, अगर नाराज़ हुए तो मना लेगे.

हमेशा की तरह जब वो मुझे मारने लगी तो मौका पाकर मैंने उसके बूब्स दबा दिए..

जैसे मैंने पहले भी बताया की मेरी गर्ल फ्रेंड है पर उसके दबाने मे भी इतना मज़ा नहीं आया, पर मॉनिका के काफ़ी बड़े थे और हाथ मे भी नहीं आ रहे थे.

उसे दबा कर मुझे मजा आ गया..

उसने मुझे एक बार फिर मारा, तो मैंने फिर बूब्स दबा दिया.. मैंने नोटीस किया की वो कुछ कह नहीं रही..

इस के बाद, मुझे बुरा लगा.. मैंने सोचा की वो मेरी बहन है, मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ..

उसने मुझसे चाय पीने को पूछा, मैंने “हाँ” कहा.

वो किचन चली गई.

पर मेरा मन तो मान ही नहीं रहा था. मेरा मन तो उसके बूब्स से दूध पीने का था.

मैंने सोचा की, एक बार फिर ट्राइ करता हूँ, पर प्राब्लम ये थी की मौका कैसे बनौऊ.. मैं हिम्मत कर के किचन में गया..

वहाँ पर उसकी गांड देख कर मेरा मूड खराब हो गया.. क्या लग रही थी वो मोटी गांड और मस्त बूब्स..

मेरे मन मे छा गये.

वो स्टोव पे चाय बना रही थी, मुझ से रहा नहीं गया.. मैंने सीधे जा कर उसके बूब्स पकड़ लिए..

कितने मोटे थे, दोनों हाथ से में बूब्स दबा रहा था.

वो एक दम से घबरा गई.

मैंने स्टोव बंद किया और उससे पकड़ कर चूमने लगा.

उसने मुझसे से कहा की ये ग़लत है… मैं उसका भाई हूँ…

पर गोरी चूत के सामने सब बाते बेकार लग रही थी.. वो मुझे मना कर रही थी, पर मुझे हटा भी नहीं रही थी..

मुझे लगा, ये सही मौका है..

मैंने उससे उठाया और बेडरूम ले गया.

मैंने पहले सोचा की दूध चुसू पर अभी वो गरम थी तो चोद्ना ज़्यादा अच्छा था, क्यूकी मुझे लगा की अभी शायद वो सेक्स के लिए मान जाए क्यूकी उससे सोचने का वक़्त नहीं मिला क्या पता और बाद में शायद वो ना माने.

मैंने उसका लोवर खोला उससे कुछ नहीं कहा..

उसने ब्लेक कलर पैंटी पहन रखी थी.. उसकी पैंटी हटा कर मैं उसकी चूत चाटने लगा.. उसकी चूत बिल्कुल सॉफ थी और बहूत सुंदर थी..

मैंने उसकी चूत मे अपना लण्ड डाल दिया, उसने इतना नहीं सोचा था पर उसके कुछ बोलने से पहले मेरा लण्ड आधा घुस गया..

वो अब चिल्लाई, उसने मुझे सेक्स के लिए मना किया पर मैं तो चोद्ने के मूड था.

तो उसने मुझे कॉन्डोम लगा कर करने को कहा क्यूकी 3 दिन बात उसके पीरियड्स शुरू हो रहे थे तो प्रेगेंसी का ख़तरा था, पर मेरे सर पर तो उसे चोद्ने का भूत सवार था..

मैंने पूरा लण्ड उसकी चूत मे डाल दिया..

उसका ये पहली बार था, क्यूकी मामा उसको घर से बाहर नहीं जाने देते थे..

करीब २ मिनिट, वो मुझसे कुछ नहीं बोली..

मैं समझ गया की वो नाराज़ हो गई पर उस टाइम परवाह किसे थी..

मैंने झटके मारना शुरू कर दिया, थोड़ी देर बाद वो भी आवाज़ निकालने लगी – उ ह्ह आ हह अह आह्ह्ह्ह्ह् ह ऊ ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह…

मैं पहली बार किसी चूत मे लण्ड डाल रहा था.

अब शायद उसे भी मज़ा आ रहा था..

मैंने मौका देख कर उसे चूमना शुरू किया पर उसने मेरे लिप्स चबा लिया पर बाद मे वो मुझे चूमने लगी, 10 मिनिट तक.

हम सेक्स करते रहे, फिर मैं झड़ गया..

सेक्स करने के बाद मे, मैंने उसका टॉप को खोला..

मैंने दोनों कबूतरो को ब्रा से आज़ाद कर दिया.

क्या मम्मे थे उसके, अब मैं उसके बूब्स चूसने लगा.. क्या बूब्स थे..

36 साइज़ सन्नी लेयोनी से भी बड़े.

उससे देख कर मज़ा आ गया.. मैंने उसके बूब्स ख़ूब दबाए और उसे खूब चुसता रहा.

करीब 30 मिनिट के बाद, मेरा लण्ड फिर सलामी दे रहा था.. मैंने उसे उस दिन दो बार और चोदा..

शाम तक, मामा मामी भी आ गये.

उस साल मैंने कई बार उसे चोदा, अगले महीने उसके पीरियड्स मिस हो गया, टेस्ट किया तो वो प्रेग्नेंट थी.

बाद मे पिल से स्टमक क्लीन किया, पर उसके बाद वो सेक्स के बाद पिल ले लेती है..

बाद मे मुझे उसकी छोटी बहन को भी ठोकना पड़ा, ये अगली कहानी मे.

बाद मे मेरी इंजिनियरिंग कंप्लीट हो गई और मैं गुड़गाव आ गया और साल भर बाद उसकी भी इंजिनियरिंग कंप्लीट हो गई और वो भी गुड़गाव में है..

अभी वो 23 की है और मैं उससे 3 साल से चोद रहा हू, हम साथ रहते है क्यूकी हम भाई – बहन है और कोई शक़ भी नहीं करता.

वैसे उसकी शादी मे अभी 4 साल कम से कम है.